॥ श्रीमद्भागवत महापुराण ॥

अपने दिन का अंतदिव्यता के साथ करें

सांसारिक भागदौड़ से दूर, अपने सृष्टिकर्ता से जुड़ें। हर रात केवल <strong class="text-[var(--gold)]">30 मिनट</strong> के लिए एक आत्मीय समुदाय से जुड़ें और सुनें <em class="not-italic font-semibold">श्रीमद्भागवतम्</em> — दिव्य प्रेम और जीवन के दुखों से मुक्ति का परम शास्त्र।

📅
शुरुआत
कल, 29 जून से
हर रात
9:30 बजे IST
📍
माध्यम
ज़ूम पर लाइव
🪔 ज़ूम पर अपनी फ्री सीट सुरक्षित करें

अवधि: 30–40 मिनट · पूर्णतः निःशुल्क

एक प्रश्न

क्या आपके दिन का अंत थकान के साथ होता है या दिव्यता के साथ?

हमारे शास्त्रों में इस संसार को ‘दुःखालयम् अशाश्वतम्’ कहा गया है — एक ऐसी जगह जो स्वभाव से अस्थाई है और दुखों से भरी है। हम शांति की तलाश में 8.4 लाख योनियों के चक्रव्यूह में भटक रहे हैं।

लेकिन इस जन्म-मरण के चक्र से बाहर निकलने का एक गुप्त मार्ग है।

सच्ची शांति रात को केवल दिमाग को शांत करने (सो जाने) से नहीं मिलती; बल्कि अपने मन को भगवान की ओर मोड़ने से मिलती है।

परम समाधान

पूर्ण संतुष्टि के लिए रचा गया महापुराण

समस्त वैदिक शास्त्रों की रचना करने के बाद भी महान ऋषि श्री व्यासदेव जी के मन में एक गहरा खालीपन था। तब उनके गुरु, देवर्षि नारद जी ने उन्हें निर्देश दिया कि वे भगवान के अनन्य भक्तों के व्यावहारिक चरित्र — यानी “केस स्टडीज़” — को लिखें।

तब जाकर श्रीमद्भागवतम् का प्राकट्य हुआ।

एक श्लोक
की शक्ति आपकी आध्यात्मिक पहचान को जगा सकती है
एक संबंध
ईश्वर के साथ आपके बंधन को पुनर्जीवित करता है
एक मुक्ति
आपको सांसारिक दुखों से मुक्त कर सकता है
नवधा भक्ति

ईश्वर के साथ अपने अनूठे रिश्ते को पहचानें

भक्ति कोई रूखा कर्मकांड नहीं है; यह एक जीवंत रिश्ता है। इन रात्रिकालीन सत्रों में, आप भक्ति के नौ मार्गों को जानेंगे और भगवान को केवल एक दूर बैठे सृष्टिकर्ता के रूप में नहीं, बल्कि अपने सबसे करीबी रूप में पहचानेंगे।

🙏
दास्य
सेवक भाव
🤝
सख्य
मित्र भाव
❤️
वात्सल्य
माता-पिता / संतान भाव
🌸
माधुर्य
प्रेमी भाव
🕉️
शान्त
तटस्थ भाव
📿
स्मरण
निरंतर स्मरण
🎶
कीर्तन
नाम-संकीर्तन
👂
श्रवण
हरि-कथा श्रवण
🪔
आत्मनिवेदन
पूर्ण समर्पण

…और अंततः अपने सच्चे आध्यात्मिक घर को पाएँ।

हर रात

सत्र में क्या होगा?

  1. 1
    9:30 PM
    पवित्र मंगलाचरण और श्लोक पाठ

    दिनभर के तनाव को तुरंत दूर कर मन को शांत करें।

  2. 2
    9:40 PM
    सरल व्याख्या और चर्चा

    समझें कि इन महान भक्तों के चरित्र को आज के व्यावहारिक जीवन में कैसे उतारें।

  3. 3
    10:00 PM
    प्रश्नोत्तर और चिंतन

    मन में अगाध शांति, स्पष्टता और परमात्मा की सुरक्षा का अनुभव लेकर सोएं।

अंतिम निमंत्रण

दिव्यता की ओर बढ़ने का एक विनम्र आमंत्रण

इस्कॉन (ISKCON) भक्तों के समुदाय द्वारा आयोजित यह दैनिक सत्र पूरी तरह से निःशुल्क है और उन सभी के लिए है जो भौतिक जीवन की उलझनों से आश्रय चाहते हैं। सोने से पहले अपनी आत्मा को 30 मिनट का यह दिव्य पोषण ज़रूर दें।

यदि आप हर दिन शामिल नहीं भी हो पाते हैं, तो भी रजिस्ट्रेशन जरूर करें ताकि आपको महत्वपूर्ण अपडेट और रिकॉर्डिंग मिल सके।